London
लंदन के एक पोश इलाके पर एक खूबसूरत पैलेस बना हुआ था, जो पूरी तरह गोल्डन पेंटेड थी। पैलेस और गेट के बीच 1 किलोमीटर का डिस्टेंस था। साथ ही उस पैलेस के सामने एक बड़ा सा फाउंटेन था जिस पर एंजल्स बने हुए थे।

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लंदन के एक पोश इलाके पर एक खूबसूरत पैलेस बना हुआ था, जो पूरी तरह गोल्डन पेंटेड थी। पैलेस और गेट के बीच 1 किलोमीटर का डिस्टेंस था। साथ ही उस पैलेस के सामने एक बड़ा सा फाउंटेन था जिस पर एंजल्स बने हुए थे।

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🔞यह कहानी है शिवानी चौहान की, जो एक रहस्यमयी और बेहद प्रतिभाशाली लड़की है। बचपन से ही अनाथ रही शिवानी ने अपनी मेहनत और काबिलियत से दुनिया में एक बड़ा नाम बना लिया। आज दुनिया उसके आगे झुकती है, लेकिन उसकी ज़िंदगी में सफलता के बावजूद एक गहरा अकेलापन है। अपने उसी अकेलेपन को दूर करने के लिए शिवानी अक्सर नॉवेल्स पढ़ा करती थी। लेकिन उसे क्या पता था कि एक दिन उसकी ज़िंदगी भी किसी नॉवेल की तरह बदल जाएगी। एक दिन अपनी मीटिंग खत्म करके लौटते समय शिवानी पर अचानक हमला हो जाता है। हैरानी की बात यह थी कि उस पर हमला करने वाला कोई दुश्मन नहीं, बल्कि उसकी खुद की करीबी दोस्त और उसका बॉयफ्रेंड था। उनका मकसद शिवानी द्वारा बनाई गई उस खास दवा को हासिल करना था, जो दुनिया के लिए एक वरदान बन सकती थी, लेकिन वे लोग उसे अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे। शिवानी हार मानने वालों में से नहीं थी। उसने आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी और मरने से पहले अपनी धोखेबाज़ दोस्त को भी खत्म कर दिया। शिवानी को लगा कि उसकी कहानी यहीं खत्म हो गई... लेकिन जब उसने फिर से अपनी आंखें खोलीं, तो वह खुद को एक बिल्कुल अलग दुनिया में पाती है। यह दुनिया असली नहीं थी, बल्कि एक नॉवेल की दुनिया थी। और सबसे बड़ा झटका यह था कि इस दुनिया में वह एक विलेनस के रूप में जन्म ले चुकी थी, जिसका अंत उस नॉवेल में बेहद दुखद और भयानक तरीके से होने वाला था। अब सवाल यह है क्या शिवानी अपनी किस्मत को बदल पाएगी? क्या वह इस नई दुनिया में अपने भविष्य को खुद लिख पाएगी? और सबसे बड़ा सवाल— क्या उसे यहां वह प्यार मिलेगा जिसकी उसे हमेशा तलाश थी... या फिर इस बार भी उसकी ज़िंदगी अकेलेपन और साज़िशों में घिर जाएगी?



18+story with lot of emotions मन्नत मल्होत्रा एक फिकोपैथ पत्थर दिल माफिया है, जिसने बचपन में अपने माँ-पापा को दर्दनाक मौत मरते देखा और उसी दर्द ने उसे अंदर से बदल दिया।उसको कोई फीलिंग समाज नहीं आती है।उसको किसी से भी फर्क नहीं पड़ता बेल ही वो एक phycopath हो पर मां की सिखाई अच्छी चीजों के वज़ा से खुद गलत काम नहीं करती, लेकिन ज़ालिम लोगों को कभी नहीं छोड़ती। उसकी दुनिया में सिर्फ उसका अंकल और उसके दो अनाथ दोस्त हैं। दूसरी तरफ वीर ओबेरॉय एक ईमानदार और शांत पुलिस ऑफिसर है, जिसे मन्नत से पहली ही मुलाक़ात में प्यार हो जाता है। लेकिन मन्नत के दिल में प्यार नहीं…उसको ऐसा लगता है पर धीरे-धीरे वीर की मौजूदगी से उसके दिल में भी फिलिंग्स पनपते है वो वीर के लिए बेहद ऑब्सेसिव और पजेसिव बन जाती है। जब मन्नत के माँ-पापा की मौत के पीछे छिपी साज़िश सामने आती है,मन्नत उन लोगों को बर्बाद करने की कसम खाई है। अब ये कहानी है — पहली नज़र के प्यार, सनक दीवानगी में बदलती नज़दीकियों, और बदले की आग में घिरी एक माफिया क्वीन की। सवाल सिर्फ इतना है — क्या प्यार, मन्नत के पत्थर दिल तक पहुँच पाएगा… क्या वीर एक फायकॉपैथ को नॉर्मल इंसान की तरह बदल पाएगा। क्या मन्नत कूद को बदल पाएगी या वो हमेशा अंधेरे में ही कैद रहेगी?

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